
उन्होंने ग्रामीणों से आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने का अपील की। जनसंवाद यात्रा के माध्यम से विस्थापित परिवारों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं की जानकारी भी ली गई। जारगोडीह के बाद संवाद यात्रा बामूनडीह, पोईलौंग, चोगा, आदारडीह और सोड़ो गांव पहुंची। विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं के जरिए ग्रामीणों को विस्थापन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का संदेश दिया गया। यात्रा में अजित किस्कु, अम्बिका यादव, हेमंत गोप, हरेकृष्ण महतो, अकलु धीवर, आशीष राम धीवर, मनहर महतो, धर्मेंद्र महतो, डॉ. गुरुचरण महतो, सिमंत महतो समेत अन्य लोग शामिल थे। मंच की ओर से बताया गया कि संवाद यात्रा के जरिए चांडिल डैम से प्रभावित गांवों में पहुंचकर विस्थापितों को आंदोलन की आगामी रूपरेखा से अवगत कराया जाएगा।


