आदित्यपुर : देश का प्रतिष्ठित स्वदेशी मेला दिनांक 6 से 15 फरवरी, 2026 तक फुटबाल मैदान, ईमली चौक, आदित्यपुर में पहली बार आयोजन होने जा रहा है। मेले में शहरवासियों के लिए आकर्षक फूड स्टॉल एवं बच्चों के लिए झूलों का भी प्रावधान किया गया है। मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि के 9.30 बजे तक रहेगा। प्रति स्थानों के भांति आदित्यपुर में भी मेला मैं प्रवेश निःशुल्क रहेगा। मेले में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, बंगाल, गुजरात, बिहार, दार्जिलिंग, नगालैंड सहित विभिन्न राज्यों से स्टॉल धारकों की सहभागिता होगी। इस मेले में विभिन्न क्षेत्रों से जैसे हैंडीक्राफ्ट, लघु एवं कुटीर उद्योग के उत्पाद, रियल स्टेट, टेक्सटाइल, हैंडलूम, एफएमसीजी, सामाजिक, हेल्थ सेक्टर, फर्नीचर, सोलर सिस्टम, सजावट खादी आदि के लगभग 110 स्टॉल्स देखने को मिलेंगे। बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के उप-निदेशक प्रो. राम विनय शर्मा, विशिष्ट अतिथि स्वदेशी जागरण मंच क्षेत्रीय संगठक अजय उपाध्याय, इसरो के अध्यक्ष रूपेश कतरियार तथा मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह पर्यावरण प्रमुख बंदेशंकर सिंह के द्वारा 6 फरवरी, 2026 की संध्या 5.00 बजे विधिवत् उद्घाटन किया जाएग। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता सीबीएमडी की बिहार-झारखण्ड प्रमुख मंजू ठाकुर करेंगी।

उक्त जानकारी गुरुवार को आदित्यपुर स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति अवार्डी संध्या प्रधान, पंकज सिंह (प्रांत युवा प्रमुख, स्व.जा.म.), राजकुमार साह (विभाग संयोजक, स्व.जा.म.), प्रकाश मेहता (सहसंयोजक, स्वदेशी मेला), जयंत सिन्हा (सहसंयोजक, स्वदेशी मेला) एवं स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक अजीत कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दिए। संवाददाता सम्मेलन में उक्त पदाधिकारियों ने कहा कि स्वदेशी मेले का उद्देश्य भारतीय उद्योग और सेवाओं को विकसित और मजबूत करते हुये देश में एक स्थाई मजबूत अर्थव्यवस्था को खड़ा करना जो कि सतत विकास का दुनिया में एक मॉडल बने। स्वदेशी जागरण मंच देश की साथ देश की आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक अपदूषण को रोकने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रचार प्रसार करने का काम करती है। इसके माध्यम से देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाते हैं और जागरूकता करते हैं। इस प्रकार देश के आर्थिक, सामरिक, आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्द्धन के लिए स्वदेशी जागरण मंच कार्यरत है। इसके तहत हम देश के छोटे छोटे आर्टिजन से लेकर और प्राईम इंडस्ट्रीज तक को सर्पोर्ट सिस्टम कैसे खड़ा हो इसे लेकर 2000 में स्वदेशी मेले को प्रारंभ किया गया। इसमें केवल वस्तुओं की खरीद-बिकी नहीं होती है, यह ट्रेड फेयर नहीं है बल्कि स्वदेशी विचारधारा के प्रचार का एक माध्यम है। इसमें प्रतिदिन हर वर्ग के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी, विभिन्न समसामयिक विषयों पर गोष्ठियां होंगी। मेला का मुख्य आकर्षण प्रतिदिन सांस्कृतिक मर्यादाओं के अनुरूप सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य, विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य के अलावा शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति का आयोजन होगा।









