रविदास विकास समिति आदित्यपुर ने माघी पूर्णिमा के अवसर पर मनाई संत रविदास की जयंती
संवाददाता आदित्यपुर।
संत रविदास भक्तिकालीन संत और महान समाज सुधारक थे. संत रविदास ने लोगों को बिना भेदभाव के आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी थी. उक्त बातें आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पूरेंद्र नारायण सिंह ने कही. वे रविदास विकास समिति आदित्यपुर की ओर शनिवार को आदित्यपुर स्थित जागृति मैदान में आयोजित संत रविदास की जयंती समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भगवान उसके हृदय में निवास करते हैं, जिसके मन में किसी के प्रति बैर भाव नहीं है कोई लालच या द्वेष नहीं है. तेज हवा के कारण सागर की लहरें उठती है और सागर में ही समा जाती है, उनका अलग कोई अस्तित्व नहीं होता है, ऐसे ही परमात्मा के बिना मानव का कोई अस्तित्व नहीं होता. कर्म करना हमारा धर्म है, फल पाना हमारा सौभाग्य. मन चंगा तो कठौती में गंगा. पुरेंद्र ने आदित्यपुर रविदास विकास समिति के सामाजिक कार्यों के प्रशंसा करते हुए कहा कि संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक है. उन्होंने लोगों से जाति विहीन कर्म प्रधान समाज की स्थापना के लिए आगे आने का आह्वान किया.

मौके पर राजद नेत्री शारदा देवी ने कहा कि संत रविदास ऐसे महान संत थे जिनके सानिध्य में रहकर मीराबाई भी महान बनी थी. जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश ने कहा कि संतों की कोई जाति नहीं होती, ऐसे संत थे रविदास. जिनकी कृति आज भी अमर है. कार्यक्रम को भाजपा नेत्री रितिका मुखी, पांडी मुखी, देव प्रकाश देवता ने भी संबोधित किया. बता दें कि रविदास विकास समिति आदित्यपुर हर वर्ष माघी पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास की जयंती उनकी पूजा अर्चना कर मनाती है.

कार्यक्रम को सम्पन्न कराने में अध्यक्ष योगेंद्र राम, सचिव कमलेश कुमार राम, कोषाध्यक्ष राजलाल मेहरा, प्रवक्ता यदुनंदन राम, उपाध्यक्ष भरत राम, लाल किशुन रविदास, महेंद्र प्रसाद, तेतेर प्रसाद, राजदेव राम, उप सचिव सुरेंद्र प्रसाद, प्रेम सागर, पिंकी कुमारी, उषा कुमारी, एलडी राम, सोनेलाल, देवलाल दास, लीलावती दास, शांति देवी, संजय कुमार, वीरेंद्र कुमार आदि का अहम योगदान रहा.









