आदित्यपुर : औद्योगिक क्षेत्र में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) आंदोलन से भयभीत उद्योगपति एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल के नेतृत्व में गुरुवार को डीसी-एसपी से मिलकर की लिखित शिकायत की। साथ ही कहा- भयादोहन नहीं रुका तो उद्यमी पलायन के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर एसिया अध्यक्ष इंदर अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले छह महीनों से जेएलकेएम की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में औद्योगिक शांति भंग हो रही है। लगातार गेट जाम और प्रदर्शन के कारण उत्पादन बाधित हो रहा है, जिससे उद्यमी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने चेताया कि यदि यह स्थिति बनी रही तो क्षेत्र की कई औद्योगिक इकाइयां झारखंड छोड़कर अन्य राज्यों में पलायन कर जायेंगी।प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में बताया कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड के सबसे पुराने और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। यहां लगभग दो लाख श्रमिक प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं। अगर उद्योग बंद होते हैं तो सबसे बड़ा नुकसान गरीब मजदूरों को होगा, जिनकी रोज़ी-रोटी छिन जाएगी। एसिया ने आरोप लगाया कि जेएलकेएम निजी लाभ के लिए बार-बार प्रदर्शन और गेट जाम कर रहा है। इससे क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल बनता जा रहा है, जो लंबे समय तक औद्योगिक विकास के लिए घातक साबित हो सकता है।
प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से की कठोर कार्रवाई की मांग
एसिया प्रतिनिधियों ने डीसी और एसपी से अनुरोध किया कि वे मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर ऐसे संगठनों की गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाएं, ताकि क्षेत्र में फिर से शांति और स्थिरता लौट सके। प्रतिनिधिमंडल में इंदर अग्रवाल के अलावा संजय कुमार सिंह, संतोख सिंह, दशरथ उपाध्याय, राजीव रंजन, दिव्यांशु सिंह, देवांग गांधी, मनदीप सिंह सहित अन्य उद्यमी शामिल थे.









