चांडिल : सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गंवई पर सुप्रीम कोर्ट परिसर में जूता फेंकने का मामला देशभर में तूल पकड़ता जा रहा है. इससे झारखंड भी अब अछूता नहीं रहा. यहां ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चांडिल में पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह की अगुआयी में इस घटना के खिलाफ में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया. इसे लेकर निकाली गई विशाल रैली में जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल कालिंदी भी शामिल हुए. वहीं, इस घटना को लेकर दलित समाज में आरोपी वकील राकेश किशोर के खिलाफ गहरा रोष का माहौल देखा गया.

समाज के लोगों ने पूर्व विधायक की अगुआई में चांडिल अनुमंडल कार्यालय के समक्ष रोष प्रकट किया. इस दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ विकास कुमार राय को ज्ञापन सौंपा.
इससे पूर्व कालिंदी सहित कई समाज के लोग सैकड़ों की तादाद में चांडिल रिजॉर्ट पहुंचे. यहां से सभी रैली की शक्ल में चांडिल अनुमंडल कार्यालय परिसर पहुंचे थे. यहां कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना को घोर निंदनीय करार दिया. उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा देश हतप्रभ है. इस कुकृत्य के दोषी वकील पर कानूनी कारवाई होनी चाहिए. श्री सिंह ने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा में 47 गांव दलित बाहुल्य गांव है. बावजूद इसके, यहां नेतृत्व की कमी है. उन्होंने कहा की आज समाज के उत्थान और विकास के लिए एकजुट होने का समय आ गया है. खासकर, शिक्षा पर सबसे अधिक जोर देने की जरूरत है. ताकि दलित समाज न सिर्फ सामाजिक रूप से, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सके.
वहीं, कालिंदी समाज के लोगों को संबोधित करते हुए जुगसलाई विधानसभा के विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि दलित समाज को हरहाल में एकजुट होना होगा. हमारा दलित समाज जब तक एकजुट नहीं होगा.

समाज पर इसी तरह अत्याचार होता रहेगा. उन्होंने समाज के लोगों से नेतृत्व करने पर जोर देते हुए कहा कि वे हर वक्त समाज के लिए खड़े हैं.
इस मौके पर कार्तिक कालिंद, कृष्णा कालिंदी, मंटू कालिंदी, राजेन कालिंदी, पिंटू कालिंदी, विष्णु कालिंदी, रसु गोराई सहित दलिति समाज से जुड़े भारी संख्या में महिला-पुरूष मौजूद रहें.


