जमशेदपुर/ आदित्यपुर : आईडीटीआर में शिक्षक दिवस पर उमंग और सम्मान का माहौल बना रहा। संस्थान के महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ हैं और वे केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने माता‑पिता और गुरु के संबंध पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरू का स्थान माता‑पिता से भी ऊपर है।
रवीन्द्र कुमार ने विशेष रूप से तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में प्रशिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि प्रशिक्षक युवाओं को रोजगारपरक कौशल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ‑साथ प्रशिक्षुओं को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराना था।
समारोह की शुरुआत प्रशिक्षुओं द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रमुख अधिकारियों व प्रशिक्षकों का सम्मान कर की गई। तत्पश्चात सभी ने मिलकर केक काटकर शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर सीखने और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में आईडीटीआर के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के सम्मान के साथ‑साथ संस्थान में सीखने के प्रति सकारात्मक भावना और अनुशासन को भी मजबूत करते हैं।


