आदित्यपुर: राष्ट्रीय जनता दल (राजद), झारखंड प्रदेश बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जनार्दन कुमार के नेतृत्व में राजद के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को जियाडा (JIADA) के क्षेत्रीय निर्देशक प्रेम कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की गंभीर समस्याओं एवं राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जनार्दन कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा भूमि आवंटन के बाद भी उद्योगपतियों को बिजली, सड़क, जल निकासी, जलापूर्ति, सीमांकन एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बिजली बोर्ड द्वारा भ्रष्टाचार और उदासीनता के कारण उद्योगपति खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड राज्य बिजली बोर्ड के महाप्रबंधक श्री राजीव कुमार से कई बार संपर्क के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ, और जब उद्योगपति विभाग में संपर्क करते हैं, तो उनसे रिश्वत मांगी जाती है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें:
1. तत्काल बिजली कनेक्शन और पारदर्शी प्रक्रिया लागू की जाए।
2. बिना सीमांकन और समतलीकरण के भूमि आवंटन पर रोक लगे।
3. सड़क, पानी, ड्रेनेज और चारदीवारी जैसी सुविधाएं प्राथमिकता पर विकसित हों।
4. सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी हेतु जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि दलालों से बचा जा सके।
5. स्टार्टअप्स के लिए विशेष औद्योगिक नीति लागू की जाए, जिसमें टैक्स छूट, बिजली दर में रियायत और किफायती भूमि लीज की सुविधा हो।
6. लॉटरी पद्धति से भूमि का आवंटन किया जाए ताकि कम पूंजी वाले उद्यमियों को भी समान अवसर मिले।
7. विदेशी संस्थागत निवेश (FII) के लिए अलग प्रक्रिया लागू की जाए, जिससे यूरोपीय कंपनियों को आकर्षित किया जा सके।
8.औद्योगिक भूमि का लॉटरी के माध्यम से आवंटन करने की मांग की गई है, ताकि कम पूंजी वाले उद्यमी और स्थानीय निवेशक भी भागीदारी कर सकें और उन्हें भी समान अवसर मिल सके।
9.स्टार्टअप्स के लिए छोटे भूखंडों की प्राथमिकता पर आवंटन किया जाए, जिससे राज्य के युवा उद्यमी प्रोत्साहित हों और झारखंड में नवाचार आधारित उद्योगों की नींव रखी जा सके।
10.विदेशी संस्थागत पूंजी निवेश (FDI) के लिए विशेष नीति के तहत विशेष रूप से उच्च तकनीक, हरित ऊर्जा, और डिजिटल विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में ताकि भारत को वैश्विक तकनीकी विकास से लाभ मिल सके और झारखंड इस बदलाव का केंद्र बन सके।
राजद ने स्पष्ट किया कि यदि इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो झारखंड में औद्योगिक निवेश प्रभावित होगा और “आत्मनिर्भर झारखंड” का सपना अधूरा रह जाएगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया –
ज्ञापन में उल्लिखित सभी महत्वपूर्ण विषयों और समस्याओं को क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन जी गंभीरतापूर्वक सुना और समझा गया। श्री रंजन ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि:
• जो कार्य क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर संभव हैं, उन्हें शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा।
• अन्य नीतिगत एवं संरचनात्मक सुझावों को राज्य सरकार के कैबिनेट स्तर पर विचारार्थ अग्रेषित किया जाएगा, ताकि उनका स्थायी और व्यापक समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
यह वार्ता सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसे झारखंड के औद्योगिक विकास तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रतिलिपि भेजी गई:
• माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार
• माननीय मंत्री, श्रम, उद्योग एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड सरकार
ज्ञापन सौंपने में बैजू कुमार (जिला अध्यक्ष, राजद – सरायकेला-खरसावां), वीरेन्द्र कुमार सिंह (महासचिव, राजद – झारखंड प्रदेश) एवं राजेश कुमार (सचिव, राजद – झारखंड प्रदेश) भी शामिल थे।


