आदित्यपुर : सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने बुधवार को आदित्यपुर में प्रवीण सेवा संस्थान श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पूजा पंडाल का फीता काटकर उद्घाटन किया. मौके पर संस्थान के संरक्षक पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के अलावा जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, क्षत्रिय संघ के संरक्षक शंभू सिंह आदि भी मौजूद थे.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिंहभूम लोकसभा के सांसद जोबा माझी ने कहा कि नारी सिर्फ मातृत्व ही नहीं है बल्कि नेतृत्व की प्रेरणा भी देती है. आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है.

उन्होंने कहा कि दूसरी बार इस पूजा पंडाल में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचने का अवसर मिला है. इसके पहले मैं विधायक थी और आज सांसद हूं. यह सब माता रानी का आर्शीवाद है. मलखान सिंह को बड़े भाई की संज्ञा देते हुए कहा कि उनसे बराबर सहयोग मिलता रहता है. दुर्गा पूजा पर माता रानी की कृपा सभी लोगों पर बनी रहे.
राजस्थान के महाराजाओं के ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक है पूजा पंडाल : मलखान सिंह
ईचागढ़ के पूर्व विधायक सह प्रवीण सेवा संस्थान के संरक्षक अरविंद सिंह ने कह कि इस बार का पूजा पंडाल राजस्थान के महाराजाओं के ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक है. इसका मुकाबला नहीं कर सकते. यह उदयपुर के महल का गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है.आज राजस्थान के लोग पूरे देश में बसे हुए हैं. पंडाल का बाहरी हिस्सा जितना खूबसूरत है उसके कहीं लुभावना भीतर की आकृतियां और मां दुर्गा की प्रतीमा है. माता रानी की कृपा है कि एक दिन पहले तक बारी बारिश हो रही थी, लेकिन आज सबकुछ ठीक-ठाक हो गया है. सब माता दुर्गा की कृपा है. उन्हीं के कारण संसार चल रही है.

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पूजा पंडाल में शांतिपूर्वक तरीके से घुमें. सेल्फी लेकर समय नष्ट नहीं करें. इससे बाकी लोगों को परेशानी हो सकती है.
बुराइयों में भी अच्छाई छिपी होती है : मंगल कालिंदी
जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि वे कभी आदित्यपुर के इस पूजा पंडाल में हाफ पैंट पहनकर देखने के लिए आते थे. आज वहीं पर जनप्रतिनिधि बनकर पहुंचने का मौका मिला है. यह सब माता रानी की कृपा है. मंगल कालिंदी ने कहा कि बुराइयों में भी अच्छाई छिपी होती है. बस उसे ढूंढकर निकालने की जरूरत है. जो ढूंढ लेते हैं वही इतिहास रचते हैं.
दुर्गा मां की कृपा से सुख शांति और समृद्धि मिलती है : दशरथ गागराई
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि वे पूर्व विधायक मलखान सिंह को वे बचपन से ही जानते हैं. पहले वे खिलाड़ी हुआ करते थे. अब जनसेवा करने का मौका मिला है. मलखान सिंह शुरू से ही लोगों की सेवा करते रहे हैं. आज लोगों के पास पैसा बहुत है, लेकिन वे पैसे का उपयोग सेवा में नहीं करते हैं. मलखान सिंह समाजसेवा करके ही इतना पड़ा पूजा पंडाल बनाने का काम करते हैं.
मलखान सिंह का दुर्गा पूजा पंडाल झारखंड का है नंबर वन पंडाल- शंभू सिंह
क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभू सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह की ओर से पिछले 30-40 सालों से झारखंड का नंबर वन पंडाल बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दो माह में अरविंद सिंह सिर्फ पंडाल के आस-पास ही नहीं बल्कि आज पास के गलियों की भी सफाई कराई है. पूजा पंडाल के बारे में कहा कि यह पूजा पंडाल क्षत्रिय विरासत का अनुपम दृश्य है. महाराणा प्रताप और वीर कुंवर सिंह की यादों को ताजा करती है. जिस तरह से वीर कुंवर सिंह और महाराणा प्रताप सभी लोगों को लेकर साथ चलते थे उसी तरह से मलखान सिंह भी सभी लोगों को साथ लेकर चलते हैं.

अंकुर सिंह ने सांसद को स्मृति चिन्ह भेंटकर और शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
समारोह में प्रवीण सेवा संस्थान के अध्यक्ष अंकुर सिंह ने सिंहभूम की सांसद जोबा माझी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया . इस बीच सांसद ने अंकुर सिंह को आगे बढ़ने और जिम्मेवारी का सकुशल निर्वहन करने का आर्शीवाद भी दिया.

उद्घाटन से पूर्व कॉलोनी में घोड़े और गाजे-बाजे के साथ निकला जुलूस
पूजा पंडाल का उद्घाटन के पहले अतिथियों का स्वागत घोड़े और गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकालकर किया गया. इस बीच जुलूस को आयोजित समारोह तक घुमाया गया.

इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. रंगारंग कार्यक्रम में राजस्थान की कला संस्कृति की झलक देखने को मिली. राजस्थान के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया
समारोह में ये थे उपस्थित
समारोह में टाटा वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सुबोध, विधायक दशरथ गागराई की पत्नी बसंती गागराई, अधिवक्ता जॉनी हाजरा, शंकर सिंह, जय सिंह, हर्ष सिंह, जगदीश नारायण चौबे, समरेंद्र नाथ तिवारी जवाहर सिंह पप्पू कुमार केपी सोरेन, भगवान सिंह ,ऋषि मिश्रा, उमेश राय मनमोद शर्मा, वीरेंद्र सिंह, मनोज सिंह, अविनाश झा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.









