जगन्नाथपुर में भक्ति भाव से हुई माता मनसा पूजा
सरायकेला: सरायकेला प्रखंड के जगन्नाथपुर गावं में पांच दिवसीय माता मनसा पूजा का प्रतिमा विसर्जन के साथ समापन हो गया. इससे पूर्व माता मनसा की विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर मंदिर परिसर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी जो पूरे गावं का भ्रमण कर जलाशय तक पहुंची जहां माता का प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया. इस दौरान आसछे बोछोर आबार एशो मां… व माता मनसा के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. साथ ही कई भक्त माता की भक्ति में झूमते हुए माता के जयकारे लगाए. जानकारी हो वर्ष 1954 से जगन्नाथपुर में भव्य रुप से माता मनसा देवी की पूजा अर्चना हो रही है. यहां माता मनसा की ख्याति आसपास व दूरदराज क्षेत्र में विख्यात है जिसे लेकर विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पूजा अर्चना को पहुंचते हैं. यहां प्रतिवर्ष एकादशी से 5 दिनों तक भव्य रुप से माता मनसा की पूजा अर्चना की जाती है. मान्यता है कि यहां भक्त श्रद्धालुओं द्वारा माता की सच्चे मन से पूजा अर्चना कर मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. इस वर्ष दो अक्तूबर को घटबारी कार्यक्रम के साथ माता का आह्वान करते हुए पूजा शुरु हुई थी. दूसरे दिन तीन अक्टूबर को विधिपूर्वक माता की पूजा अर्चना करते हुए मन्नत अनुसार बलि पूजन किया गया जिसमे सैकड़ो भक्त श्रद्धालुओं ने माता मनसा का भक्ति भाव से पूजा की.सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ओड़िशा के प्रसिद्ध नाट्य मंडली पंचशखा गणनाट्य द्वारा ओड़िया नाटक का रंगारंग मंचन किया गया. जिसमे कलाकारों ने मो कहाणी रे तोहरी ना एवं तो बिना मो सपनो ओधा नामक ओड़िया सामाजिक नाटक प्रस्तुत किया. कलाकारों ने समाज की वर्तमान स्थिति व आधुनिकता पर आधारित भावपूर्ण नाटक का मंचन कर दर्शकों को खूब हंसाया व रुलाया. कलाकारों ने नाटक के माध्यम से जीवंत प्रदर्शन कर दर्शकों को अंत तक बांधे रखा. पूजा कार्यक्रम के सफल आयोजन में पूजा समिति के जहरलाल प्रधान,राजेन्द्र प्रधान,सत्यवान प्रधान,रघुनाथ प्रधान,विष्णु प्रधान,मुकेश प्रधान,ओमप्रकाश प्रधान,उमाकांत प्रधान,शेखर प्रधान,राजीव प्रधान,पंचम प्रधान,शत्रुघ्न प्रधान,तरुण प्रधान,राहुल प्रधान समेत समस्त ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा.









