आदित्यपुर: राष्ट्रीय जनता दल की ओर से हूल क्रांति दिवस के मौके पर मंगलवार को आदित्यपुर स्थित राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय में पर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और संथाल विद्रोह के अन्य वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर महासचिव वीरेंद्र कुमार सिंह यादव ने बताया कि हूल दिवस भारत के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण अध्याय की याद में मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से 30 जून 1855 को घटित सिदो-कान्हू आंदोलन को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है, जिसे हूल विद्रोह (Hul Rebellion) के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि भागलपुर, साहेबगंज और संथाल परगना (वर्तमान झारखंड और बिहार) सिदो और कान्हू मुर्मू – दो संथाल आदिवासी भाई के नेतृत्व में ब्रिटिश शासन द्वारा भूमि की जबरन नीलामी, महाजनों और ज़मींदारों द्वारा अत्याचार, आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों का हनन और आर्थिक शोषण और सामाजिक उत्पीड़न के खिलाफ 30 जून 1855 को, लगभग 10,000 संथालों ने ब्रिटिश हुकूमत और ज़मींदारों के खिलाफ दुमका ज़िले के भोगनाडीह गाँव से विद्रोह की शुरुआत की। यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से भी दो वर्ष पहले हुआ था। यह आदिवासियों का संगठित और सशस्त्र प्रतिरोध था। इस आंदोलन ने ब्रिटिश प्रशासन को हिला कर रख दिया। हालांकि ब्रिटिश सेना ने क्रूरता से इसे कुचल दिया और हजारों आदिवासी मारे गए, लेकिन यह संघर्ष और बलिदान की मिसाल बन गया।आदिवासी वीरता और बलिदान की स्मृति में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक सामाजिक न्याय और अधिकारों के लिए चेतना का दिन, हूल दिवस की याद में राष्ट्रीय जनता दल, कोल्हान प्रमंडल कार्यालय,आदित्यपुर में 30 जून 2025 को एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। वही प्रदेश अध्यक्ष बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ जनार्दन कुमार ने कहा कि इन वीर सेनानियों के अदम्य साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की गाथाएं देशवासियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं।
कार्यक्रम में श्रीराम यादव प्रदेश उपाध्यक्ष, बीरेंद्र कुमार सिंह यादव महासचिव, राजेश यादव सचिव, बैजू कुमार जिला अध्यक्ष, शिवानंद सिंह, जगन्नाथ प्रधान, रविन्द्र गोप, शिवा यादव आदित्यपुर नगर अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्तागण उपस्थित थे।


