बांदो दारहा टुसू मेला कमेटी की अखान यात्रा में सीतारामपुर फिल्टर प्लांट के सामने आयोजित टुसू मेला में उमड़ी जन सैलाब
आदित्यपुर: टुसू पर्व झारखंड संस्कृति की विरासत है, इसे बचाए रखना सभी की जिम्मेवारी है उक्त बातें मेला के मुख्य अतिथि सह जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने कही। वे बुधवार को बांदो दारहा टुसू मेला कमेटी की अखान यात्रा में सीतारामपुर फिल्टर प्लांट के सामने आयोजित टुसू मेला में उमड़ी जन सैलाब को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि टुसू मेला आपसी भाईचारा के साथ झारखंड के महान संस्कृति और सभ्यता को बनाए रखने का एक जरिया है। इसलिए धूमधाम से टुसू मेला आयोजन होना चाहिए। भाजपा नेता सह मेला के प्रमुख आयोजक वास्को ने लोगों से शांतिपूर्ण और भाईचारा के साथ मेला का आनंद उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यहां वर्ष-1982 से प्रतिवर्ष विराट टुसू मेला का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से काफी संख्या में लोग शामिल होते हैं। वही आजसू के जिला अध्यक्ष महेश्वर महतो ने कहा कि टुसू पर्व झारखंड के सबसे बड़ा पर्व है, इसलिए इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष 14, 15 और 16 जनवरी को सरकार सरकारी अवकाश घोषित करे।

वही कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर बेसरा और भूंडाराम बेसरा ने कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अग्नि बेसरा ने किया।
महिला-पुरुष एवं बच्चों ने अलग-अलग टोली बनाकर जमकर डांस किया और मेला का लुत्फ उठाया

इस दौरान मेला पहुंचे महिला-पुरुष एवं बच्चों ने अलग- अलग टोली बनाकर डांस किया और मेला का लुत्फ उठाया। मेला में सरायकेला, गम्हरिया, आदित्यपुर सहित आस-पास के अनेक स्थानों से टुसू की एक से बढ़कर एक सुसज्जित प्रतिमाएं (2 चौडल सहित कुल 25) पहुँची। मेला में प्रथम स्थान पर आने वाली टुसू जगन्नाथ महतो की प्रतिमा को 20 हजार पुरस्कार सरूप, प्रदान किया गया। जबकि अन्य द्वितीय स्थान 15 हजार, तृतीय 10 हजार, चौथे 5 हजार एवं पांचवे स्थान प्राप्त करने वाले पतिमा को 4 हजार रुपये का पुरष्कार दिया गया।वहीं, छठे से दसवें स्थान तक आने वाली टुसू की प्रतिमा को सांत्वना पुरस्कार मिला।

इस अवसर पर मुख्य रूप से गुरुचरण मुखी, गासो बेसरा, बासोराम बेसरा उर्फ भुन्डा बेसरा, मांझी बाबा रवि हांसदा, नाईके बाबा लखन बास्के, लालू बेसरा, बुधराम बेसरा, डॉक्टर टुडू, सुजीत महतो, समीर महतो, गुलिया बेसरा, बागुन बेसरा, आशीष पति, ईश्वर हेम्ब्रम, धान सिंह हाँसदा, मधुसूदन मार्डी, मंगल टुडू, बीरेन मार्डी, कृष्टो मार्डी, प्रेम मार्डी, दाखिन बेसरा, नूनाराम हाँसदा, चरण हाँसदा, गणेश हेम्ब्रम, बब्लू बेसरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।









