Saturday, September 26, 2026
No menu items!
Homeखास खबरआदित्यपुर बृहद जलापूर्ति योजना में हो रहे विलंब को लेकर नगर आयुक्त...

आदित्यपुर बृहद जलापूर्ति योजना में हो रहे विलंब को लेकर नगर आयुक्त से मिले पुरेंद्र

आदित्यपुर: करीब 395.15 करोड़ रुपये की लागत से बन रही आदित्यपुर शहरी जलापूर्ति योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है. तीन वर्षों में पूरी होने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना करीब आठ वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहरवासी आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे हैं. लगातार समय-सीमा बढ़ने और एजेंसी के बार-बार वादा तोड़ने से लोगों में भारी नाराजगी है.

शनिवार को नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति के अध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त एजाज अनवर से मुलाकात कर तीन सूत्री मांगपत्र सौंपा. समिति ने स्पष्ट कहा कि यदि 22 जुलाई तक आदित्यपुर-2 क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी.

समिति ने आरोप लगाया कि 4 दिसंबर 2018 को शुरू हुई इस परियोजना को 3 दिसंबर 2021 तक पूरा कर नगर निगम को सौंपा जाना था, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं. एजेंसी जिंदल ने भी दावा किया था कि 15 जुलाई 2026 से आदित्यपुर-2 में जलापूर्ति शुरू हो जाएगी, लेकिन तय तिथि गुजर जाने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिला. उल्टे टेस्टिंग के नाम पर केवल रॉ वाटर छोड़ा गया और अब तकनीकी खराबी का हवाला देकर नई-नई समय-सीमाएं तय की जा रही हैं.

समिति ने कहा कि पाइपलाइन में फॉल्ट ढूंढने के नाम पर आदित्यपुर-2 की नई बनी बिटुमिन सड़कों को जगह-जगह खोदकर बर्बाद कर दिया गया है. इससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोगों का सवाल है कि यदि परियोजना की गुणवत्ता सही थी तो जलापूर्ति शुरू होने से पहले ही इतनी बड़ी तकनीकी खामियां कैसे सामने आ गईं.

विकास समिति ने परियोजना की थर्ड पार्टी तकनीकी जांच, वर्षों पहले लगाए गए उपकरणों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच तथा पूरी जलापूर्ति प्रणाली का सार्वजनिक ट्रायल कराने की मांग की है. समिति का कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि आखिर परियोजना में देरी क्यों हुई, अतिरिक्त कितना खर्च हुआ और इसकी जवाबदेही किसकी है.

समिति ने यह भी आरोप लगाया कि नई योजना समय पर पूरी नहीं होने के कारण सरकार को पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव पर हर वर्ष करोड़ों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं. यदि परियोजना समय पर पूरी हो जाती तो सरकारी धन की बचत होती और शहरवासियों को वर्षों पहले ही नियमित पेयजल मिलना शुरू हो जाता.

प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के सभी 35 वार्डों में खराब स्ट्रीट लाइट एवं हाईमास्ट लाइट की तत्काल मरम्मत, प्रत्येक वार्ड में 25 नई स्ट्रीट लाइट लगाने तथा बरसात को देखते हुए बड़े नालों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाने की भी मांग की.

*वहीं नगर आयुक्त एजाज अनवर ने प्रतिनिधिमंडल को बताया* कि जलापूर्ति योजना को शुरू होने में अभी और समय लगेगा. उन्होंने कहा कि सीतारामपुर का 30 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने में कम से कम दो महीने लगेंगे, क्योंकि अभी कई तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है. वहीं सांपड़ा का 60 एमएलडी प्लांट अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है.

*इधर, एजेंसी की वादाखिलाफी को जिला प्रशासन* ने भी गंभीरता से लिया है. सूत्रों के अनुसार उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी को तलब कर देरी और तकनीकी खामियों पर जवाब मांगा है.

मौके पर एसएन यादव, एसडी प्रसाद, उदित यादव, अश्वनी सिंह, कुमार विपिन बिहारी प्रसाद, देव प्रकाश, संजय कुमार सिंह, सिद्धनाथ सिंह यादव, उमाशंकर राम, दिलीप मंडल, रामानंद भक्ता, कैलाश शाह, छविनाथ प्रसाद, ओमप्रकाश, सेवा सिंह, सिमरन मेहरा, संतोष यादव, विनोद कुमार, सोनू पासवान, संदीप साहू, विजय गुप्ता, विनोद कुमार जायसवाल और ऋषि गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.

spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

ABOUT EDITOR IN CHIEF

Lb Shastri
मुख्य संपादक सह प्रोपराइटर पूर्व पत्रकार, प्रभात खबर और दैनिक भास्कर, जमशेदपुर

Most Popular

Recent Comments