विधि-व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा एवं जनसुविधाओं को लेकर पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश; प्राप्त सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश
पूजा समितियों ने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अक्षरशः अनुपालन एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग का दिया आश्वासन
आदित्यपूर : आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज समहरणालय सभागार,सरायकेला में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वंगीआरी की उपस्थिति में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम एजाज अनवर, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल नितिन शिवम गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी, सामान्य शाखा अविनाश कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी तथा विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

बैठक में आगामी पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था एवं शांति-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, चिकित्सा व्यवस्था, विसर्जन एवं रावण दहन की तैयारियों तथा आपातकालीन सेवाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्व क्षेत्र में पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ शहर को जोड़ने वाले वैसे ग्रामीण मार्गों, जिन पर ग्रामीणों का नियमित आवागमन रहता है, वहां भी देर रात्रि तक पुलिस गश्ती एवं भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि पर्व के दौरान आमजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा विधि-व्यवस्था प्रभावी रूप से बनी रहे।
पूजा पंडालों में सुरक्षा एवं जनसुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश:
पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि पंडालों का निर्माण सुरक्षित स्थान पर निर्धारित मानकों एवं सक्षम विभागों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। पंडाल विद्युत तार, ट्रांसफॉर्मर, हाईटेंशन लाइन, गैस गोदाम अथवा अन्य संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित दूरी पर बनाए जाएं। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं अत्यधिक आग पकड़ने वाली सामग्री के उपयोग से बचने तथा पंडाल की मजबूती एवं सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
पंडालों में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था, पर्याप्त चौड़ाई वाले द्वार तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक निकास मार्ग सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया।
सभी पूजा पंडालों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार तथा आवश्यक जनसुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पंडालों एवं उनके आसपास किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण नहीं करने तथा पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र, पानी एवं सूखी बालू से भरी बाल्टियां आदि रखने का निर्देश दिया गया।

विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता:
पूजा पंडालों में विद्युत वायरिंग सुरक्षित तरीके से करने, समुचित अर्थिंग की व्यवस्था रखने तथा विद्युत सजावट एवं अस्थायी कनेक्शन का कार्य संबंधित विद्युत विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया। विद्युत नियंत्रण कक्ष को ऐसी जगह स्थापित करने को कहा गया, जहां आपात स्थिति में विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
संबंधित विभागों द्वारा दिए गए अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को कहा गया।
पूजा पंडालों एवं प्रमुख स्थलों पर चिकित्सा, अग्निशमन एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था:
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रमुख पूजा पंडालों में आवश्यकतानुसार चिकित्सा दल एवं अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध रहे। सभी चिकित्सक एवं चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित दायित्व के अनुसार उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सेवा में व्यवधान उत्पन्न न हो।
उन्होंने सभी संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान एम्बुलेंस को सक्रिय मोड में रखा जाए तथा आकस्मिक स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विसर्जन घाटों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश:
प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित विसर्जन घाटों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। विसर्जन घाटों पर समतलीकरण, पर्याप्त विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति तथा चिकित्सा दल एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
विसर्जन घाटों पर प्रतिमा एवं अन्य सामग्री के आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार हाइड्रा/अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय से पूर्व सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि, समय एवं मार्ग के अनुसार ही करें तथा निर्धारित विसर्जन स्थल/घाट का ही उपयोग करें।
रावण दहन के दौरान सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। रावण दहन स्थल पर दर्शकों एवं दहन स्थल के बीच निर्धारित एवं पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण एवं बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
संबंधित पदाधिकारियों एवं आयोजन समिति को निर्देश दिया गया कि रावण दहन से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए समय से पूर्व पूर्ण कर लें, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
यातायात एवं नो-एंट्री व्यवस्था को लेकर निर्देश
पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। अनधिकृत पार्किंग एवं आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमण पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
आवश्यकतानुसार मुख्य बाजारों को जोड़ने वाले मार्गों पर नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने तथा बड़े एवं वाणिज्यिक वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
रात्रि 10 बजे के बाद DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक:
बैठक में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी/माननीय न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। रात्रि 10:00 बजे के बाद DJ अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र पर किसी भी प्रकार का गाना या अन्य ध्वनि प्रसारण नहीं किया जाएगा।
इसका अनुपालन सभी थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित ध्वनि सीमा एवं समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शराब की बिक्री एवं परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश:
पर्व के दौरान किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री एवं परिचालन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। ड्राई-डे के दौरान निर्धारित प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
शराब दुकानों एवं उनके आसपास, विशेषकर मुख्य सड़कों तथा सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन नहीं हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन अथवा किसी भी प्रकार के नशे का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
CCTV एवं सोशल मीडिया निगरानी पर विशेष जोर:
सभी प्रमुख पूजा पंडालों में CCTV कैमरों की व्यवस्था एवं उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, मुख्य मार्गों एवं आवश्यकता वाले संवेदनशील स्थलों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया।
सोशल मीडिया एवं व्हाट्सऐप ग्रुपों पर भ्रामक, अफवाहजनक, आपत्तिजनक अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित नहीं करने की अपील की गई। ऐसी किसी भी सामग्री की सूचना तत्काल निकटतम प्रशासनिक अथवा पुलिस पदाधिकारी को देने का निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों से सुझाव आमंत्रित, प्राप्त सुझावों पर कार्रवाई के निर्देश:
बैठक में पूजा समिति के सदस्यों एवं शांति समिति के सदस्यों से पर्व के दौरान जनसुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव एवं सलाह आमंत्रित किए गए। इस दौरान पूजा समितियों द्वारा सड़क निर्माण एवं मरम्मत, साफ-सफाई, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, झूलते हुए विद्युत तारों एवं विद्युत खंभों की मरम्मत, विसर्जन घाटों पर हाइड्रा की व्यवस्था एवं समतलीकरण सहित विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव दिए गए।
प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा पर्व से पूर्व संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन में पूजा समितियों से सहयोग की अपील
अपने संबोधन में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिले में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी पूजा समितियों एवं शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा संपन्न कराने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा समितियों से प्राप्त जनसुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण कराई जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने, एम्बुलेंस को सक्रिय रखने तथा प्रमुख पूजा स्थलों पर आवश्यक चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का दिया निर्देश:
पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वंगीआरी ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्गा पूजा एवं दशहरा के दौरान पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता शांति-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र के सभी पूजा पंडालों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था एवं पार्किंग के लिए चिन्हित स्थलों का पूर्व में ही भ्रमण कर आवश्यक तैयारियों का जायजा लें। पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने पूजा समितियों को निर्देश दिया कि अपने स्तर से नियुक्त सभी स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं तथा स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र उपलब्ध कराएं, ताकि भीड़ प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में उनका प्रभावी सहयोग लिया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को पूजा पंडालों एवं मुख्य मार्गों के आवश्यक स्थलों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर CCTV कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पर्व के दौरान ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी नियमित पुलिस गश्ती एवं भ्रमण सुनिश्चित करने को कहा। वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं गश्ती दल लगातार भ्रमणशील रहेंगे तथा पूजा समितियों एवं आम नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रात्रि 10:00 बजे के बाद DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक तथा अन्य निर्धारित ध्वनि नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
पूजा समितियों ने प्रशासन को सहयोग का दिया आश्वासन:
बैठक के दौरान उपस्थित पूजा समिति के प्रतिनिधियों एवं शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करने तथा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व संपन्न कराने में प्रशासन एवं पुलिस को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, जनसुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित सभी निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों, पूजा समितियों एवं शांति समिति के सदस्यों से अपील की गई कि सुरक्षा मानकों, विधि-व्यवस्था एवं जनसुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियां पर्व प्रारंभ होने से पूर्व समय पर पूर्ण कर लें, ताकि दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके।


