आदित्यपुर। आदिवासी कल्याण समिति कुलुप्तंगा, आदित्यपुर 2 के तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी महापुरुषों को याद कर उनके चित्रों पर पुष्प अर्पण से हुई। तत्पश्चात् हतु सरदार (राजू सरदार) द्वारा विश्व आदिवासी दिवस का झंडा फहराया गया, जिससे आयोजन औपचारिक रूप से प्रारम्भ हुआ।

मुख्य प्रवक्ता आदिवासी भूमिज समाज के सचिव युधिष्ठिर सरदार ने अपने विस्तृत भाषण में समाज और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए संविधान की समझ आवश्यक बताई। उन्होंने कहा कि जो अधिकार हमें प्राप्त हैं वे संविधान की देन हैं, इसलिए संविधान के अधिकारों व कर्तव्यों का ज्ञान हर नागरिक, खासकर आदिवासी समुदाय के लिए अनिवार्य है। युधिष्ठिर सरदार ने शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक अधिकारों पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में लाल बाबू सरदार, खिरोद सरदार, लखी सरदार, रूस सरदार, चपू सरदार, पिंकू सरदार, काजल कुमारी, जोसना देवी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समुदाय को एकजुट करने, युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में आयोजकों ने आगे भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, संविधान जागरूकता शिविर और शिक्षा संबंधित कार्यशालाओं की योजना बताई ताकि आदिवासी समाज की सामाजिक—सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।


