• प्रख्यात स्पीकर चंदे्रश्वर खाॅ ने विद्यार्थियों को किया अभिप्रेरित
• पढो तो ऐसा पढो कि पढा सको- डाॅ सरोज मिश्रा, शिक्षाविद्
• सफलता के लिए गर्व की भावना का होना है जरूरी – प्रभाकर सिंह, कुलाधिपति, सोना देवी विश्वविद्यालय
घाटशिला। सोना देवी विश्वविद्यालय के फ्रेशर्स वीक आगाज का शुभारंभ किया गया। एक सप्ताह तक चलने वाले इस वीक में नवनामांकित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के बारे में तथा विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य सारी जानकारी दी जाएगी। इस वीक के पहले दिन प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर चंद्रेश्वर खाॅ ने विद्यार्थियों को अभिप्रेरित किया और उनमें उत्साह का संचार कर दिया। इन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कल आपने जो गलती की उसे फिर नहीं दुहराना है। कार्यों में निरन्तर सुधार करते जाना है। कार्यों में उपलब्धि हासिल करने के लिए बताया कि जबतक आंतरिक अभिप्रेरणा नहीं रहेगा तब तक सुधार मुश्किल है।

चंद्रेश्वर ने विद्यार्थियों को विवेकपूर्ण ढंग से मोबाईल फोन का इस्तेमाल करने की सलाह दी। विद्यार्थियों को सीखने की सलाह देते हुए कहा कि निरन्तर अपना ज्ञान बढाते रहें। इसके लिए मनोवृत्ति में बदलाव लाना आवश्यक है। विद्यार्थियों को कक्षा में ध्यानपूर्वक सीखने के लिए प्रेरित करते हुए इन्होंने कहा कि निरन्तर सीखने से ही वृद्धि और विकास संभव है। श्री चंद्रेश्वर ने छात्रों को अपने जीवन में विशिष्ट गुणों को विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि शार्ट टर्म और लाॅग टर्म लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने के लिए कार्यों में निरन्तरता रखने की सलाह दी। साथ ही कहा कि कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए इच्छाशक्ति का होना आवश्यक है। चंद्रेश्वर ने विद्यार्थियों का उत्साह बढाते हुए कहा कि जब आप ज्ञान हासिल कर पूर्ण विश्वास और दृढ इच्छाशक्ति के साथ कोई काम करते हैं तब उसमें वृद्धि और विकास की संभावना बढ जाती है।सोना देवी विश्वद्यिालय के विवेकानन्द आॅडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षाविद् सह इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक रहे डाॅ सरोज मिश्र ने कहा कि पढाई के लिए अभिप्रेरणा का होना जरूरी है और विश्वविद्यालयी ज्ञान उच्च स्तर का होना चाहिए। किसी भी विषय को सीखने के लिए स्मरण शक्ति, समझ और चितन शक्ति का होना आवश्यक है। विद्यार्थियों को पढने का तरीका बताते हुए श्री मिश्र ने कहा कि पढो ऐसा कि दूसरे को पढा सको।
इस मौके पर सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए प्रसन्नता जरूरी है। साथ ही सफलता हासिल करने के लिए आवश्यक है कि कार्यो में ईमानदारी, कठिन परिश्रम तथा विनम्रता भी हो। छात्रों को प्रेरित करते हुए कुलाधिपति श्री सिंह ने कहा कि ईश्वर, अपने माता पिता तथा गुरूजनों का सम्मान अवश्य करें। अपने संस्थान पर गर्व करने वालाा ही सफल होता है। युवा वर्ग के कंधों पर बड़ी जिम्मेवारी है। श्री सिंह ने कहा कि संकल्प सिद्धि के लिए गर्व की भावना का होना जरूरी है।
सोना देवी विश्वविद्यिालय की कुलसचिव डाॅ नित नयना ने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करते हुए अनुशासन बनाए रखें तथा कक्षा में शतप्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है।
इससे पहले सभी विद्यार्थियों ने एक दूसरे को अपना परिचय दिया और आपसी समझ विकसित करने का प्रयास किया। सभी फैकल्टी से भी इनका परिचय कराया गया।


