गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से मंगलवार की शाम दो बच्चियों की गायब हुए दो दिन बीतने के बाद भी किसी का कोई पता नहीं चला है। इसको लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक हडकंप मचा हुआ है।

उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) सत्या ठाकुर और बाल विकास समिति के पदाधिकारी पदमा गोराई सहित पांच सदस्य टीम ने गुरुवार को वात्सल्य बालिका गृह जांच करने पहुंची। उनके पहुंचते ही बालिका गृह के खिड़की और दरवाजे बंद कर दिए गए, जिससे मामला और भी संदेहास्पद बन गया। इस दौरान घटनास्थल पर छोटा गम्हरिया के ग्राम प्रधान सूरज लाल महतो और क्षेत्र के कई पत्रकार पहुंचे। लेकिन उन्हें गेट से प्रवेश नहीं करने दिया गया। करीब 3 घंटे जांच पड़ताल करने के बाद टीम बाहर निकली। इसके बाद इस संबंध में पदमा गोराई ने बताया कि जांच के दौरान कुछ लापरवाही पाई गई है। सेफ्टी में चुक हुआ है, जिसके कारण यहां से दो बच्चियों गायब हो गई है। चारदीवारी की हाइट कम है और उसके ऊपर कांटेदार तार भी नहीं लगाया गया है, यह लापरवाही यहां दिख रही है। उन्होंने कहा कि चारदीवारी के ऊपर अगर कांटेदार तार लगाए जाते तो दोनों बच्ची भागने में सफल नहीं होती। वही सत्य ठाकुर ने बताया कि घटना की पूरी जांच पड़ताल कर लिया गया है। इसका रिपोर्ट जिला के उपयुक्त को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
उधर, छोटा गम्हरिया के ग्राम प्रधान सूरज लाल महतो का कहना है कि यह संस्था छोटा गम्हरिया पंचायत में खुला है। इसकी सूचना ग्राम प्रधान को नहीं है और ना ही इस संबंध में ग्राम सभा से कोई प्रस्ताव पास किया गया है। बिना ग्राम सभा के इस तरह के संस्था का संचालन होना और संस्था के संचालक के द्वारा सुरक्षा का ख्याल नहीं रखना यह बड़ी लापरवाही है। इस तरह से लड़कियां गायब होने का क्या कारण हो सकता है, इस संबंध में खुलकर संस्था के संचालक और जिला के प्रशासनिक पदाधिकारी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इससे कई तरह का संदेह उत्पन्न हो रहा है, इसलिए जिला के उपयुक्त से मांग करते हैं कि इस घटना की पूरी तरह से जांच की जाए और जांच में जो भी दोषी पाई जाए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए । चुकी यह घटना नाबालिक बच्चियों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बालिका गृह में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा गार्ड भी नहीं रहता है। सीसी टीवी कैमरा नहीं लगाया गया था। घटना होने के बाद आज वहां निजी सुरक्षा गार्ड और कैमरा लगाया गया है। अगर यह व्यवस्था पहले किया जाता तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस मामला को लेकर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि मंडल शीघ्र जिला के उपयुक्त से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग करेंगे। वही जनसहभागी विकास केंद्र के सचिव प्रमोद कुमार वर्मा ने बताया कि लड़कियों के देखभाल करने वाली कर्मचारी कुछ काम से थोड़ी देर के लिए बाहर गई थी। उसी का फायदा उठाकर दोनों लड़कियां चहारदीवरी को फांदकर भाग गई। उन्होंने बताया कि केंद्र में लड़कियों को देखभाल करने वाले महिला कर्मचारी के अलावा प्रशिक्षक, योगा प्रशिक्षक, सुरक्षा गार्ड और कुक प्रत्येक दिन उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने बताया कि कुल 13 लड़कियां यहां रहती थी, जिसमें से दो भाग गई है वर्तमान में 11 लड़कियां केंद्र में रह रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से शीघ्र ही चहारदीवरी के ऊपर कांटेदार तार लगाया जाएगा ताकि कोई भी लड़कियां चहारदीवारी फांदकर बाहर नहीं जा सके।


