वेतन के लिए सड़क पर श्रमिक ! चार-पांच महीने से सिर्फ आश्वासन, प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल; श्रम विभाग से हस्तक्षेप की मांग।
सरायकेला। एक ओर वैश्विक बाजार में पहचान, कई उद्योगों को आपूर्ति और बड़े पैमाने पर उत्पादन का दावा, दूसरी ओर वेतन वृद्धि के लिए महीनों से इंतजार करते श्रमिक ! गम्हरिया स्थित रामकृष्णा कास्टिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड की यूनिट-9 में सोमवार को सामने आया कर्मचारियों का आक्रोश औद्योगिक प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चार-पांच महीने से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों ने कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। इससे कुछ समय के लिए आवागमन और परिचालन व्यवस्था प्रभावित रही। श्रमिकों का आरोप है कि स्थानीय ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अपनी मांगों से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार अगले महीने वेतन बढ़ाने का भरोसा देकर मामला टाल दिया गया। महीनों गुजर गए, मगर वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई। बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल होने की बात कहते हुए कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का संकेत दिया है।

समूह का बड़ा प्रोफाइल, फिर श्रमिकों की नाराजगी क्यों ? :
रामकृष्णा फोर्जिंग्स की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, समूह के विनिर्माण कार्य 22 संयंत्रों में फैले हैं, वह 23 देशों को निर्यात करता है और आठ उद्योग क्षेत्रों को सेवाएं देता है। वेबसाइट 3,900 से अधिक स्थायी कर्मचारियों और कामगारों का भी उल्लेख करती है। कंपनी की निवेशक प्रस्तुति में रामकृष्णा कास्टिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड को समूह की घरेलू सहायक कंपनी बताया गया है।ऐसे बड़े औद्योगिक समूह की इकाई में वेतन वृद्धि को लेकर श्रमिकों का असंतोष महज स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि श्रम संबंधों और प्रबंधन की संवेदनशीलता पर सवाल है। श्रमिकों की जायज मांगों पर लगातार टालमटोल किसी भी प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह की छवि पर काला धब्बा बन सकती है। उत्पादन में श्रमिकों की भूमिका अहम है तो उनके श्रम का सम्मान और उचित पारिश्रमिक भी उतना ही जरूरी है।प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने तत्काल वार्ता कर सम्मानजनक वेतन वृद्धि पर निर्णय लेने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन व्यापक करने की चेतावनी दी गई है। श्रमिकों ने श्रम विभाग से शिकायतों की जांच कर नियमानुसार हस्तक्षेप करने की भी मांग की है। फिलहाल प्रबंधन के निर्णय की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है और इस मामले में उसका पक्ष सामने आना बाकी है।


