आदित्यपुर/जमशेदपुर : “कौन कहता है आसमाँ में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों”, यह प्रसिद्ध पंक्तियाँ महान हिंदी कवि दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल से हैं। वे कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और सच्चे मन से कोशिश की जाए, तो असंभव को भी संभव किया जा सकता है। इस ग़ज़ल को चरितार्थ करते हुए पिता-पति के मार्ग दर्शन में सेवानिवृत्ति मार्केटिंग ऑफिसर आरपी राही की इकलौती बेटी अनुभूति कुमारी ने बीपीएससी कंप्लीट कर आईटीआई संस्थान की वाइस प्रिंसिपल बनी है। अनुभूति ने अपने वैवाहिक जीवन के साथ मायके और ससुराल दोनों परिवार के दायित्व का सफलता पूर्वक निर्वहन करते हुए कठिन परिश्रम कर एक ऑफिसर बनकर समाज में एक नजीर पेश की है। जो अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।

अनुभूति कुमारी ने बताया कि श्रम संसाधन विभाग, बिहार के नियंत्रणाधिन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में उप प्राचार्य एवं समकक्ष स्तर के पदों पर नियुक्त हेतु उप प्राचार्य एंव समकक्ष प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परीक्षाफल में सफल हुई हूं , जो एक बङी उपलब्धि है। यह पद राजपत्रित है, जिसका वेतन SDM स्तर के बराबर है। इस सफ़लता के बाद भी upsc की तैयारी जारी रखेंगे।अनुभूति ने इस सफलता का श्रेय अपने पिता और पति को दी है।
अनुभूति कुमारी की शिक्षा दीक्षा एनआईटी डीएवी, आदित्यपुर, जमशेदपुर से हुई है। इन्होंने केआईटी आईटी भुवनेश्वर से बीटेक की हुई हैं। इनका प्लेसमेंट इनविडिया कंपनी मुंबई में हुई थी। ये कुछ दिनों तक कंपनी में नौकरी करने के बाद काम छोड़ दी। ये पिता से प्रेरणा ले कर प्रशासनिक सेवा में जाने हेतु यूपीएससी/बीपीएससी की तैयारी करने लगी। इनकी शादी बिहार में डिप्टी कलेक्टर से हुई है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में पति का काफी सहयोग मिला है।


