गम्हरिया : सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते 15 साल तक इंतजार करने वाले एक पूर्व सैनिक की समस्या आखिरकार हल हो गई। काम पूरा होने पर वह भावुक होकर सीओ कार्यालय पहुंचे और अंचल अधिकारी अरविंद बेड़िया को धन्यवाद दिया। पूर्व सैनिक ने बताया कि सरकार द्वारा उन्हें दो एकड़ जमीन आवंटित की गई थी लेकिन गलती से उनका लगान 1,000 रुपये प्रति एकड़ दर्ज कर दिया गया था जबकि अन्य लोगों से महज 14 से 17 रुपये प्रति एकड़ ही लिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मुझे 1993-94 में यह जमीन आवंटित हुई थी लेकिन गलत लगान निर्धारण के कारण मैं लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था। मैंने डीसी, कमिश्नर सभी से गुहार लगाई लेकिन समाधान नहीं हुआ। पूर्व सैनिक ने कहा कि सरायकेला के पूर्व डीएम अरवा राजकमल के निर्देश के बावजूद मामला नहीं सुलझा। लेकिन नए अंचल अधिकारी अरविंद बेदिया ने कुछ ही मिनटों में इसे हल कर दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज मेरी आंखों में खुशी के आंसू हैं। मैं तहे दिल से अंचल अधिकारी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने 15 साल से अटके हुए मेरे काम को पूरा कर दिया। यह मामला सरकारी तंत्र में प्रक्रियाओं की जटिलता और देरी की ओर इशारा करता है। लेकिन ईमानदार और संवेदनशील अधिकारियों की पहल से समस्याओं का समाधान संभव है। पूर्व सैनिक के इस मामले से यह सीख मिलती है कि सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई हो तो नागरिकों को राहत मिल सकती है।
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15 साल से लंबित जमीन लगन की समस्या का समाधान होने पर भावुक हुए रिटायर फौजी को दिया, सीओ कुमार अरविंद बेदिया को दिया धन्यवाद
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