सरायकेला: झारखंड आंदोलनकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं शिक्षाविद् कालीपद (केपी) सोरेन ने कांग्रेस को छोड़कर अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो शामिल हो गए। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति की ओर से सरायकेला टाउन हॉल में आयोजित बीएलए-2 प्रशिक्षण सह कार्यशाला कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया। केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने उन्हें फूल माला पहनकर पार्टी में शामिल किया। उनके साथ आदित्यपुर निवासी संजय कुमार व अभय झा, खरसावां के बीरबल सरदार तथा सरायकेला की सुनिला सुतार ने भी झामुमो का दामन थामा। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय समेत उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर केपी सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने झामुमो की नीतियों और विचारधारा में विश्वास जताते हुए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे और शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले केपी सोरेन के झामुमो में शामिल होने से पार्टी को कोल्हान क्षेत्र में वैचारिक और बौद्धिक मजबूती मिलेगी। साथ ही, उनके समर्थकों के पार्टी में आने से संगठनात्मक आधार के विस्तार की संभावना भी बढ़ी है। केपी सोरेन को पार्टी में शामिल होने से आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे सरायकेला-खरसावां समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र की राजनीति में नई युग का शुरूआत होगा।
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