
सूत्रों के मुताबिक ईडी के अधिकारी शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे कंपनी कैंपस पहुंचे और लगभग 8 घंटे तक पूरे परिसर की गहन तलाशी और जांच की। इसके बाद टीम वापस लौट गई।
बताया जा रहा है कि कंपनी प्रबंधन ने यहां पावर प्लांट लगाने के नाम पर कई बैंकों से लगभग 900 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। आरोप है कि इतना बड़ा लोन लेने के बाद भी तय प्रोजेक्ट को जमीन पर नहीं उतारा गया और राशि का कहीं और इस्तेमाल किया गया।
इसी कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर एजेंसी को शिकायत मिली थी, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ईडी ने यह छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कंपनी के दफ्तर और प्लांट परिसर के अलग-अलग हिस्सों में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की। हालांकि जांच में क्या कुछ बरामद हुआ है, इसको लेकर अभी तक विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
फिलहाल ईडी की इस 8 घंटे लंबी रेड के बाद अब सभी की नजर एजेंसी की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी है।


