जमशेदपुर : तेलुगु समाज के सामाजिक और शैक्षणिक संस्था में आज जो भी विवाद है उसका जिम्मेवार वाई ईश्वर राव है। वे किसी पर आरोप लगाने से पहले अपना गीरावांश में झांककर देखेंगे तो उन्हे पता चलेगा। उन्होंने और उनकी टीम जो आरोप मुझ पर लगाया है वह बिल्कुल वेबुनियाद है। उक्त बातें एडीएल सोसाइटी के पूर्व महासचिव मजी रवि कुमार ने रविवार को कदमा स्थित मंगल सिंह क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वाई ईश्वर राव एडीएल सोसाइटी के अपने 15 साल के कार्यकाल का हिसाब किताब प्रस्तुत करें कि उनकी क्या उपलब्धि रही है और अपने 15 साल के कार्यकाल कितने AGM और AUDIT करवाए? मैं मानता हूं कि मेरे 7 साल के कार्यकाल में भी कोई AGM और AUDIT नहीं हुए उसका कारण COVID था। लेकिन ऑनलाइन फीस, ऑनलाइन पेमेंट, सीसी टीवी, तेलुगु स्टूडेंट्स को फीस में रियायत ये सब हमारे कार्यकाल में ही शुरू हुआ था।
मजी रवि कुमार ने वाई ईश्वर राव और उनकी टीम पर लगाए कई गंभीर आरोप:
मजी रवि कुमार ने वाई ईश्वर राव और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में हिन्दी मीडियम मध्य विधालय में जो शिक्षकों की बहाली की गई है, वो सरासर गलत है और गलत प्रक्रिया से की गई। मध्य विधालय के प्रधानाध्यापक को मध्य विधालय की बहाली प्रक्रिया से बेदखलकर मनमानी तरीके से शिक्षकों को चयन किया गया । उन्होंने कहा कि वाई ईश्वर राव और उनकी टीम ने स्कूल के बायलॉज और शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को तक पर रखकर मनमानी तरीके से 7 शिक्षकों को चयन किए, जिसमें दो शिक्षक हमारे तेलुगु भाषी थे। एक साजिश के तहत उनकी शैक्षणिक प्रमाण पत्र को गलत कर शिक्षा विभाग को भेजा गया और उनकी चयन को शिक्षा विभाग के द्वारा निरस्त्र करवा दिया गया। जो तेलुगु समाज के लोगों के साथ विश्वास घात किया। जबकि वाई ईश्वर राव ने इस परिवार के लोगों को नौकरी देने के बात किए थे। वाई ईश्वर राव के देख रेख में भर्ती की पूरी प्रक्रिया हुई। उन्होंने कहा कि वाई ईश्वर राव के ऊपर एक शिक्षिका ने मान हानि का मुकदमा दर्ज करवाई हैं।
मजि रवि कुमार ने कहा कि मिट्टी घोटाला का जो बात कर रहे हैं, सरासर झूठ बात है, उस समय समिति के सभी सदस्यों की सहमति से काम होने वाला था, पर कुछ आपत्ति के वजह से काम नहीं हुआ, तो घोटाला कैसे हुआ। जहां तक चार AC खरीदारी की जो बात कर रहे है तो चार AC आया और उसका पूरा बिल भी है।
मजि रवि कुमार ने कहा कि मेरे कार्यकाल में जो ऑडिटोरियम 2 करोड़ 80 लाख की लागत में निर्माण वाली थी आज ईश्वर कैसे 13 करोड़ की लागत में निर्माण करवा रहे हैं। क्या उन्होंने सदस्यों से अनुमति ली? उन्होंने कहा कि जहां तक संबंधन (Affiliation) रद्द होने की बात कर रहे हैं तो उनको पता है, की क्यों रद्द हुआ।
मजि रवि कुमार ने कहा कि
ईश्वर राव सिर्फ एक दूसरे के बीच लड़ाई करवाते हैं और तेलुगु समाज के सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्था में विवाद करवाते हैं उसका उदाहरण स्वरूप एडीएल सोसाइटी, आंध्र भक्त कोलट समजम , सेंट्रल तेलुगु फेडरेशन, झारखंड तेलुगु सेना
और भी कई तेलुगु संस्थान की बर्बादी का कारण सिर्फ और सिर्फ वाई ईश्वर राव ही है।
एजीएम को क्यों विरोध कर रहे हैं गुरुनाथ राव एवं मजि रवि कुमार की टीम:
मजि रवि कुमार ने बताया कि तीन कारणों से हमारी टीम एजीएम का विरोध कर रहे हैं:-
1. 20 / 11/ 2022 को वर्तमान कमेटी भंग हो चुकी है, इसलिए एजीएम का विरोध कर रहे हैं।
2. वर्तमान महासचिव के गुरुनाथ राव ने 15 जून 2025 को संस्था के बायलॉज के अनुसार चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू किया। लेकिन वाई ईश्वर राव की टीम ने हाई कोर्ट के आदेश से रुकवा दिया।
3. एसडीओ के निर्देश के अनुसार जांच समिति के रिपोर्ट के आधार पर भी चुनावी प्रक्रिया शुरू किया गया था उसे भी विपक्ष ने रुकवा दिया इसलिए एजीएम के विरोध कर रहे हैं।
मजि रवि कुमार ने कहा कि
एडीएल सोसाइटी के अवैध समिति के अध्यक्ष वाई ईश्वर राव और अवैध समिति के कोषाध्यक्ष पी सिम्हाद्री राव द्वारा मेरे ऊपर जो भी इल्ज़ाम लगाए है सब बेबुनियाद है, उसका मै खंडन करता हूं और उन्होंने जो सवाल उठाए थे उसका बिंदु बार मैंने जवाब दिया है।


