सरायकेला/आदित्यपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित विजय श्री ऑटोकम लिमिटेड कंपनी में कड़ाके की गर्मी व मेहनत के बावजूद मजदूरों को न्यूनतम वेतन न मिलने पर सोमवार को दिनभर चले संघर्ष ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में सनसनी फैला दी। मजदूरों ने पूरे दिन प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन किया और शाम करीब 5:00 बजे आयोजित तृतीय वार्ता में प्रबंधन को झुकना पड़ा। भारी दबाव के बाद कंपनी ने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई, पीएफ और बोनस सहित अन्य बकाया राशि देने के लिए हस्ताक्षरित अनुमति दी। इधर, मजदूरों और नेताओं के माने तो यहां लगभग 400 कामगार काम करते हैं, जिन्हें पिछले कई वर्षों से न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है।

वार्ता के बाद समझौते पर बड़े नेताओं के हस्ताक्षर:
आज की वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष भोमरा मांझी और वरिष्ठ नेता के अलावा इसरो के अध्यक्ष रूपेश कटिहार, उपाध्यक्ष विकास गर्ग,सचिव गौतम महायत्रा ,राजीव कुमार, लेबर इंस्पेक्टर रूबी कुमारी, झामुमो के नेता गणेश महाली और कंपनी प्रबंधन के उच्च पदाधिकारियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्य रूप से झामुमो के नेता गणेश चौधरी, जिला अध्यक्ष डॉ. सुवेंदु महतो, प्रखंड अध्यक्ष भोमरा मांझी, नगर अध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान, अमृत महतो , कृष्ण बास्के, बबलू प्रधान, शंकर मुखी, जगदीश महतो सहित सैकङों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।

श्रमिकों को वर्गीकृत कर होगा मजदूरी का भुगतान :
समझौते के अनुसार, कंपनी ने स्किल्ड और अनस्किल्ड वर्करों को श्रेणीवार विभाजित कर श्रम अधिनियम के तहत न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही जिन मजदूरों को अब तक न्यूनतम मजदूरी से भी कम वेतन दिया जा रहा था, उनके बकाया भुगतान, ईएसआई, पीएफ और बोनस की भी व्यवस्था पर प्रबंधन ने हामी भरी।
डीएलसी ने दी कानूनी राह की जानकारी :
हालाँकि वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, पर सरायकेला–खरसावाँ के जिला लेबर कमिश्नर (डीएलसी) अविनाश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जिन मजदूरों को अब तक न्यूनतम मजदूरी से कम मिलती रही, वे अपने बकाया के लिए डीएलसी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं या आवश्यक होने पर न्यायालयीन डिका में अपना दावा दाखिल कर सकते हैं। डीएलसी ने बताया कि समझौते के बावजूद जिस किसी मजदूर को भुगतान में गड़बड़ी महसूस हो, उसके पास विधिक विकल्प मौजूद हैं। डीएलसी कार्यालय पर दावा दर्ज कराने या श्रम अदालत में अपील कर सकते है।
मजदूरों में संतोष, पर चौकन्नी निगाहें बनीं:
मजदूरों ने प्रारंभिक रूप से समझौते का स्वागत किया और आंदोलन समाप्त कर दिया, पर स्थानीय नेता और मजदूर समुदाय अभी भी प्रबंधन के वादों पर नजर रखे हुए हैं। वे जल्द ही बकाया भुगतान और नियमित वेतन सुनिश्चित होने तक सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।
समस्याओं का समाधान कर समझौता कराया गया : रूपेश कटियार
इसरो के अध्यक्ष रूपेश कटिहार ने बताया कि मजदूर की समस्याओं का समाधान करते हुए आज सौहार्दपूर्ण वातावरण में समझौता संपन्न हो गया। उन्होंने बताया कि प्रबंधन की जो कुछ कमी थी, उसे दूर कर दिया गया है। अब मजदूरों का जो हक बनता है उसे प्रबंधन देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और मजदूर दोनों एक दूसरे का पूरक हैं इसलिए औद्योगिक शांति और क्षेत्र के विकास के लिए आपसी तालमेल बनाकर औद्योगिक विकास के लिए काम करेंगे।


