सरायकेला /खरसावां : मौसम के अनुकूल बदलाव से जिले के किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। कुछ दिनों से हल्की बरसात और आर्द्रता की स्थिति ने खेतों में सिंचाई की कमी और मिट्टी की नमी दोनों को पूरा किया है, जिससे खासकर सरायकेला और खरसावां प्रखंडों में धानरोपनी का काम तेज़ी से शुरू हो गया है। किसानों ने मौसम को “मेहरबान” और उम्मीद की किरण बताया है।

मुख्य बातें:
– धानरोपनी की शुरुआत: सरायकेला और खरसावां प्रखंडों में बड़े पैमाने पर धानरोपनी का काम शुरू हुआ है; अधिकांश किसान तैयार खेतों में रोपनी करवा रहे हैं।
– मौसम का योगदान: हाल की हल्की बारिश और अनुकूल तापमान से मिट्टी नमी बनी रही, जिससे रोपनी के अनुकूल परिस्थितियाँ बनीं।
– किसानों की प्रतिक्रिया: किसान बोले कि समय पर बारिश और उपयुक्त मौसम से बीज की पक उतनी है और वे आशावान हैं कि इस बार पैदावार अच्छी रहेगी।

कृषि अधिकारियों की सलाह: स्थानीय कृषि विभाग ने कहा है कि किसान जलभराव से बचने के लिए ड्रेनेज का ध्यान रखें और जरूरत अनुसार उर्वरक व कीटनाशक का संतुलित उपयोग करें। वहीं बीज की गुणवत्ता व रोपनी के सही अंतराल पर भी जोर दिया गया।
– किसानी नेता और गाँव प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार कई किसानों ने अपनी फसल सुरक्षा के लिए बीमा पॉलिसियाँ तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है। कृषि विभाग की टीम नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण कर रही है और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दे रही है।
नोट के तौर पर:
– किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम की आगे की रिपोर्ट पर नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर सिंचाई व कीटनाशक के समय का पालन करें।
– जिन खेतों में पानी जमा हो रहा है, वहां ड्रेनेज कराना आवश्यक है ताकि बीज सड़ने से बचें।


