गम्हरिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यालय में गम्हरिया में शुक्रवार को दिवंगत रूपी सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। प्रखंड अध्यक्ष भोमरा मांझी की अध्यक्षता में श्रद्धानजली सभा का आयोजन की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो में अपस्थित थे ।आयोजित सभा में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने रूपी सोरेन को केवल एक राजनेता नहीं बल्कि पार्टी की “गुरुमा” और अनेक के लिए मातृत्व-सदृश मार्गदर्शक बताया।

डॉ. शुभेन्दु महतो ने अपने संबोधन में कहा कि रूपी सोरेन का व्यक्तित्व झारखंड के राजनीतिक- सामाजिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कठिन समय में रूपी सोरेन ने गुरुजी शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया। “वह सिर्फ जीवनसंगिनी नहीं थीं; वह झामुमो के लिए आशीर्वाद और मार्गदर्शन का स्रोत थीं,” डॉ. महतो ने कहा। डॉ. महतो ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरायकेला-खरसावां जिला झामुमो परिवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। नेताओं ने भविष्य में रूपी सोरेन के आदर्शों को आगे बढ़ाने और उनके द्वारा शुरू किए गए कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया। भोमरा मांझी ने बताया कि रूपी सोरेन का स्नेह और देखभाल जमीन स्तर पर भी गहरी छाप छोड़ है। उन्होंने कहा कि गुरु जी और पार्टी के संकट के समय उनका हौसला बढ़ाने के काम की। मातृत्व-तुल्य मार्गदर्शन और जनजीवन में सुधार के लिए उनका सक्रिय हस्तक्षेप पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। वही भुगलू सोरन ऊर्फ डब्बा सोरेन ने कहा कि कई बार पार्टी के युवा किसी भी संकट में उनसे सलाह लेने आते थे; उनका व्यवहार इतना स्नेहिल था कि समस्याएँ आधी हो जाया करती थीं। वही, अविनाश सोरेन ने कहा कि रूपी सोरेन के प्रति यह भावभीनी श्रद्धांजलि उनके सामाजिक प्रभाव का प्रमाण है — न केवल राजनैतिक पहचान, बल्कि एक ऐसा मानवीय रिश्ता जो गांव-शहर दोनों में महसूस किया जाता रहा है।इस मौके पर मुख्य रूप से अमृत महतो और गौतम महतो सहित अन्य लोग काफी संख्या में मौजूद थे।


